Jain Stotra – PuchhiSunam – Written by Shri Sudharma Swami श्री वीर स्तुति (वीरथुइ) ‘ पुच्छिसुं ण’  अथवा ‘वीरथुइ’ के नाम से जैन जगत में प्रसिद यह महावीर स्तुति बड़े ही आदर एवं श्रद्धा के साथ साधकों द्वारा गायी जाती है, स्वाध्याय रूप भी गुनगुनाई जाती है। प्रस्तुत स्तुति ‘सूत्रकृतांग सूत्र’ के प्रथम श्रुतस्कंध के छठे अध्ययन से ली गायी है। सूत्रकृतांग सूत्र कालिक सूत्र होने से इस स्तुति का स्वाध्याय भी ३४ अस्वाध्याय टालकर दिन-रात्रि के प्रथम एवं अंतिम प्रहार में ही करना चाहिये। वीर स्तुति में कुल २९ गाथाएँ हैं जिनकी प्रथम व द्वितीय गाथा में जम्बूस्वामी द्वारा भगवान महावीर के बारे मेंRead More →